Monday, 26 February, 2024

Ram send Angad as his envoy

59 Views
Share :
Ram send Angad as his envoy

Ram send Angad as his envoy

59 Views

श्रीराम का दूत बनकर अंगद रावण के पास गया
 
बंदि चरन उर धरि प्रभुताई । अंगद चलेउ सबहि सिरु नाई ॥
प्रभु प्रताप उर सहज असंका । रन बाँकुरा बालिसुत बंका ॥१॥
 
पुर पैठत रावन कर बेटा । खेलत रहा सो होइ गै भैंटा ॥
बातहिं बात करष बढ़ि आई । जुगल अतुल बल पुनि तरुनाई ॥२॥
 
तेहि अंगद कहुँ लात उठाई । गहि पद पटकेउ भूमि भवाँई ॥
निसिचर निकर देखि भट भारी । जहँ तहँ चले न सकहिं पुकारी ॥३॥
 
एक एक सन मरमु न कहहीं । समुझि तासु बध चुप करि रहहीं ॥
भयउ कोलाहल नगर मझारी । आवा कपि लंका जेहीं जारी ॥४॥
 
अब धौं कहा करिहि करतारा । अति सभीत सब करहिं बिचारा ॥
बिनु पूछें मगु देहिं दिखाई । जेहि बिलोक सोइ जाइ सुखाई ॥ ५ ॥

(दोहा)
गयउ सभा दरबार तब सुमिरि राम पद कंज ।
सिंह ठवनि इत उत चितव धीर बीर बल पुंज ॥ १८ ॥

 

Share :

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *